What is Inventory Management in Hindi?

what is Inventory Management ? Inventory Management kya hai ? और Inventory क्या होता है? पहले यह समझना जरूरी है। Inventory एक तरह का समान है जो की हमारे गोदाम , फैक्टरी या Warehouse में रखा हुआ सामान है ,जिसको हम inventory कहते हैं , जैसे आप मान लीजिये , आप किसी मॉल में गये होंगे, जहाँ पर बहूत सा सामान मौजूद होता है, जिसमे अलग अलग तरह का सामान और उनकी अलग अलग तरह की category और कलर समान होता है , जैसे आप कपडे समझ लीजिये, पिने का सामान समझ लीजिये। तो उस समान को आंकलन करने को या उस समान को हम inventory management कहेंगे /

Inventory

वह हमारे लिए एक समान है , हर एक समान का अपना एक नाम होता है अपना कोड और एक अपनी identification mark होता है जिसे हम अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में स्टोरेज करके डाटा का आकलन करते है की कोनसी चीज़ कितने मात्रा में उपलब्ध है और कितने value का है और यह हम जब पता कर पायंगे जब हमारी inventory perfect है उसकी counting सही है। अब Inventory विस्तार पूर्वक जानते है की inventory कैसे Manage करते है , और उसको आंकने के मापदंड क्या होते है , हम inventory को अपनी सही तरह maintain करके रख सकते है , बिना किसी नुकशान के बिना किसी Expiry किये स्टॉक को बचाये और समय पर information सिस्टम को बनाये रखें।

Inventory Management कैसे करते हैं ?

Inventory Management in hindi

 inventory Management – अब बात आती है inventory को कंट्रोल कैसे करें। इन्वेंटरी को कंट्रोल करने के लिए आपको कुछ रेगुलर process है उन पर आपको अम्ल करना पड़ेगा , इन्वेंटरी एक कंपनी की का आधार होता है , जिस पर sale और Income उसी पर depend करती है , inventory अगर आपकी सही है और कंट्रोल में है तो समझिये आप कभी मात नहीं खा सकते है बिज़नेस में , अब बात करते है इन्वेंटरी को कंट्रोल कैसे करे। और inventory कैसे बनाये रखें , लाइफटाइम तक ,यह सब मुमकिन है बस आपको इसके लिए थोडासा स्मार्ट work और थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी , inventory कंट्रोल तो आइये समझते control करे।

पहले Zone बनाये or कलर कोडिंग के अनुसार।

Zone क्या है – जैसे आप मान लीजिये आपके पास warehouse में बहौत सा FMCG (Fast Moving Consume goods ) स्टॉक है उसमे food और Nonfood और Breakfast और flour आदि materials मान लीजिये available है , तो पहले आप इसको जोन वाइज अलग अलग कर लीजिये , “A ” Zone “B ” wise बाट लीजिये फिर zone बाटने के बाद आप zone के अनुसार category Permanent बाट दीजिए , जैसे “A” ज़ोन में आप Food Material कर दिजिये और “B” में nonfood Material इस तरह से आप Category Fix कर दीजिये। और जितने भी जोन बनाये उनको एक अपना एक कलर कोड दे सकते है अपने Reference के according , जिससे आप किसी को कलर के अनुसार batter understand करवा सकते है। जैसे Damage के लिए आप RED कलर और Expiry के लिए yellow कलर define कर सकते है। जिससे आपका Smart work दिखेगा।

Subcategory बनाये

  • Subcategory क्या है – Subcategory आप जोन के अनुसार सबकी Subcategory भी fix करें। Subcategory जैसे आपने जैसे “A” Zone में food रखा है अब food अंदर भी छोटी छोटी Subcategory भी बनाये जैसे ,
  • Spice
  • Breakfast cereals
  • flour item
  • candy
  • Oil
  • Ready to Eat
  • juice

इन सबको अलग अलग करके रखे और सबके लिए अलग अलग space align करे जिससे materials identification करने में ज़्यदा टाइम न लगे और आसानी से किसी भी समान तक पहूचा सके , minimum confusion रहे। और उसे हर non food में Subcategory बनाए।

Location Mapping करें।

अपने materials की location mapping करें , हर जगह को एक location दे नाम दे , जिससे स्टॉक को पीकिंग करने में आसानी होती और टाइम बर्बादी बचती है। आप सोच रहे होंगे लोकेशन मैपिंग करें। जैसे आप अपनी लोकेशन को देने के लिए आप पहले ये सुनिस्चित करे की आपके पास कितनी rack या Pallet position है और हर racks में कितने row और column है , उससे आपके पास एक आईडिया होजायेगा की आपको लोकेशन मैपिंग करनी है फिर लोकेशन position के हिसाब लोकेशन create करे। जैसे आपको एक आईडिया दे देता हु कैसे करे पूरे एरिया में location mapping .मान लीजिये आपके पास एक हैवी racks है उसमे 24 Pallet position तो आप निचे इमेज की तरह Pallet position है

Start Daily Cycle Count

Daily Cycle Count क्या है -Daily Cycle count का मतलब है। जैसे आपको अपने स्टॉक को हर रोज़ कुछ स्टॉक के कोड वाइज अलग अलग दिन काउंट करना और इसको रोज़ काउंट करने को हम साइकिल काउंट कहते है ,
आप अगर 20 आर्टिकल काउंट करते पूरे तो आपके स्टॉक में clarity रहेगी , और आपके पास अपने स्टॉक की visibility रहेगी की कौन सा स्टॉक कितनी मात्रा में available और कितना हमें प्रोडक्शन करवाना है या मार्किट arrange करना है।

Cycle Count के फायदे क्या है ?

  • Cycle count बहोत से फायदे ही फायदे है
  • Stock accuracy 100 % रहती है ,
  • Daily stock count से आप System vs Physical स्टॉक Variance देख़ सकते है
  • easy stock error पकड़ सकते है short & excess स्टॉक से बच सकते है
  • रिकॉर्ड Maintain रहेगा इससे आप स्टॉक short surprise होने से बचेंगे
  • Cycle Count से आपकी Stock की Condition पता लगाती रहती है naturally कुछ damage हो रहा है तो उससे बच सकते
  • Manpower utilization भी होजाता।
  • Cycle Count Materials मौजूदा स्थिति दर्शाता है की Materials Expire होने वाला है या नहीं।

WMS ( Warehouse Management system ) को बनाए रखें

WMS बहुत ही ज़्यादा जरुरी है एक सिस्टम को बनाये रखने के लिए। wms एक प्रकार से कंपनी का सॉफ्टवेयर होता होता माध्यम से हम inventory को मैनेज रखते है और सॉफ्टवेयर हमारी inventory मैनेज करने में बहोत बड़ी भूमिका निभाता है। और WMS से हम स्टॉक कंडीशन की इस्थिति को जब मर्ज़ी चेक है , और WMS से हम अपना stock को inward और outward की entry register कर सकते है आजकल software बहूत बड़ी भूमिका निभाता है स्टॉक मैनेज करने में। inventory control करने में WMS एक बहोत अच्छा माध्यम है , जिससे हम अपने stock को आसानी से Maintain रख सकते है।

Conclusion of ( Inventory Management )

इन्वेंटरी को मैनेज रखने के लिए आपको सख्त rules बनाने पड़ते है , जिससे चीज़े कंट्रोल में रहती है , अगर आप inventory control करना चाहते है तो आप अपने कंपनी के अंदर इनवर्ड outward मटिरियल्स पर प्रॉपर monitoring रखनी होगी और आपके पास जो स्टॉक आउट हुआ है , उसका डेली साइकिल काउंट करवाए , जिससे समय पर स्टॉक short होने की संभावना रुक सकती है , inventory कंट्रोल में रहेगी। और once इन week में outward का डाटा WMS से लेकर करके उसको चैक करवाए।

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