क्रिकेट डीआरएस नियम | cricket DRS rules in hindi | DRS full form

क्रिकेट डीआरएस नियम – cricket DRS rules

आपको पता होगा क्रिकेट एक बहुत लोकप्रिय खेल है जिसको बच्चे से लेकर बड़े लोगो तक बहुत पसंद किया जाता है हर कोई क्रिकेट मैच देखने का शौकीन होता है पर क्या आपने सोचा है क्रिकेट में इसका क्यों इस्तेमाल होता है ? अगर नही पता तो चलिए जान लेते है DRS full form in cricket or cricket DRS rules in hindi

क्रिकेट डीआरएस फुल फॉर्म – Cricket DRS Full Form

full form of DRS is “Decision Review System” और इसको UDRS भी कहा जाता है जिसका मतलब होता है “Umpire Decision Review System”

DRS क्या हैक्रिकेट डीआरएस नियम – cricket DRS rules in hindi

डीआरएस क्रिकेट का एक नियम होता है जिसको सन 2008 में सबसे पहले इस्तेमाल किया गया था और जैसे ही ये सही से काम किया फिर इसको सभी मैचों में इस्तेमाल किया जाने लगा ।

इसका मतलब ये होता है आप अंपायर के फैसलों को चुनोती दे सकते हो जैसे कि अगर एक बल्लेबाज़ खेल रहा हो और अंपायर उसको आउट दे देता है पर बल्लेबाज़ को लगता है वो आउट नही है तो वो अंपायर के खिलाफ जाकर DRS नियम का उपयोग कर सकता है ।

इससे आपका रिव्यु third umpire के पास जाता है और वो फिरसे इसको देखते है replay करके अगर उनको लगता है कि गलत आउट दिया गया है तो वो अंपायर के फैसले को बदल देते है जिससे बल्लेबाज़ आउट नही माना जाता ।

क्रिकेट डीआरएस कब से शुरू हुआ था ? cricket DRS kab se suru hua?

डीआरएस (DRS) को सबसे पहले सन 2008 में इंडिया और श्रीलंका के बीच मैच में उपयोग किया गया था और वहां सही चलने के बाद ICC (International Cricket Council) ने इसको हर मैच में लागू कर दिया ।

इससे दोनों खेलने वाली टीम को बहुत मदद मिली क्योंकि कभी कभी ऐसा हो जाता था खिलाड़ी आउट न होते हुए भी उसको पवेलियन तक जाना पड़ता था पर डीआरएस के आने के बाद ऐसा नही हुआ ।

एक मैच में कितनी बार DRS लिया जा सकता है ?

डीआरएस को आप हर समय इस्तेमाल नही कर सकते इसके कुछ नियम बनाये हुए है जिसको ध्यान में रख कर ही आप इसका उपयोग कर सकते है ।

अगर आप टेस्ट मैच या फिर एक दिवसीय मैच खेल रहे है तो हर टीम के पास 2 drs review होता है जिसमे वो 2 बार थर्ड अंपायर से मदद ले सकते है पर अगर बात टी-20 की आती है तो वहां पर हर टीम को सिर्फ एक रिव्यु लेने की इजाज़त होती है ।

DRS Time Limit

क्रिकेट में डीआरएस लेने की एक time limit होती है ऐसा नही है कि आप कभी भी ले सकते है अगर जिस गेंद पर आपको drs लेना होता है तो वाह पर 15 सेकंड का समय दिया जाता है ।

इसी 15 सेकंड में टीम के कप्तान को फैसला लेना पड़ता है और अगर उसको रिव्यु चाहिए तो हवा में हाथो से टी का निशान बना कर बताना पड़ता है ।

क्रिकेट डीआरएस नियम – cricket DRS rules

Frequently Asked Question:-
Q1 D.R.S full form ?

Ans:- DRS की फुल फॉर्म होती है “Decision Review System”

Q2 LBW full form ?

Ans:- LBW की फुल फॉर्म होती है “Leg Before Wicket”

Q3 How many DRS are in a match ?

Ans:- अगर टेस्ट मैच या फिर एक दिवसीय मैच चल रहा है तो उसमें एक टीम 2 बार रिव्यु इतेमाल कर सकती है वही अगर टी-20 मैच होता है तो दोनों टीम के पास 1-1 रिव्यु होता है ।

Q4 What is DRS in cricket ?

Ans:- DRS or UDRS(umpire decision review system) क्रिकेट में एक ऐसा नियम होता है जिसको दोनों टीम इस्तेमाल कर सकती है अगर उसको लगता है कि अंपायर का लिया हुआ निर्णय गलत है तो वो third umpire से सहायता ले सकती है ।

Q5 What is DRS timer in cricket ?

Ans:- 15 सेकंड का समय होता है इसी के बीच आपको बताना पड़ता है कि आपको रिव्यु चाहिए या नही ।

Q6 How many times DRS can be used in IPL ?

Ans:- IPL में एक टीम सिर्फ एक ही बार DRS system का इस्तेमाल कर सकती है ।

Q7 Who can take DRS ?

Ans:- DRS सिर्फ 2 लोग ही ले सकते है एक तो टीम का कप्तान और दूसरा वो बल्लेबाज़ जिसको आउट दिया गया हो ।

क्रिकेट डीआरएस नियम – cricket DRS rules

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